गझल वाचायला 📖 ऐकायला 🎧 लिहायला✍🏻 आवडते ♥️
कितनी बातें... हममें तुममें रह जाती हैं कितनी बातें चश्म-ए-नम भी कह जाती हैं कितनी बातें सब्र की पाबंदी तो नाज़िल है जुबां पे, ख़ामोशी में ...