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Wednesday, 25 October 2023

मराठी गझल - शब्दांनाही सूर भेटता, सुरेश जी वाडकर , गझल - चंदना सोमाणी


 

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कितनी बातें...

कितनी बातें...  हममें तुममें रह जाती हैं कितनी बातें चश्म-ए-नम भी कह जाती हैं कितनी बातें सब्र की पाबंदी तो नाज़िल है जुबां पे, ख़ामोशी में ...