मराठी गझल -तुझ्या सारखी मी
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मराठी गझल - सोबतीने रात सारी...
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मराठी गझल - नको सारखे रे...
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मराठी गझल - बहावा
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कितनी बातें... हममें तुममें रह जाती हैं कितनी बातें चश्म-ए-नम भी कह जाती हैं कितनी बातें सब्र की पाबंदी तो नाज़िल है जुबां पे, ख़ामोशी में ...
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