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Wednesday, 29 May 2024

चार ओळी - ५


स्तब्ध माझे शब्द सारे 
मौन शांत अंतरंगात 
अबोल बोल चांदण्यांचे
मज मनीच्या अंतराळात 
 
चंदना सोमाणी ©®

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