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Sunday, 14 July 2024

चार ओळी - ८


 पाऊस सुरू झाला अन् 
भावना उचंबळून येऊ लागल्या
कधी शब्द तर कधी चित्र बनून 
कागदावर उतरू लागल्या 

चंदना सोमाणी ©®

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