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Thursday, 18 July 2024

चार ओळी - १०

 


तरंग उठती पाण्यावरती 
तुषारांची जुळवत नक्षी 
धुक्यातून गिरवत रेषा 
भिरभिरले प्रभात पक्षी 

चंदना सोमाणी ©®

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