ये आंसू जब भी गिरते हैं पन्नो पर
मानों के फूल खिलते हैं पन्नो पर
कई क़िस्से बनते हैं बिगड़ते हैं
कई क़िस्से संवरते हैं पन्नों पर
ये कैसी नाराज़गी है फूलों से, के
दास्तां कांटों से लिखते हैं पन्नों पर
उजाड़ दिये हैं जिनके घर रातों ने
ख़्वाब उनके भी सजते हैं पन्नों पर
कुछ अलग है उनका अंदाज़-ए-बयां
वो एहसास छोड़ते हैं पन्नों पर
चंदना सोमाणी ©®
मानों के फूल खिलते हैं पन्नो पर
कई क़िस्से बनते हैं बिगड़ते हैं
कई क़िस्से संवरते हैं पन्नों पर
ये कैसी नाराज़गी है फूलों से, के
दास्तां कांटों से लिखते हैं पन्नों पर
उजाड़ दिये हैं जिनके घर रातों ने
ख़्वाब उनके भी सजते हैं पन्नों पर
कुछ अलग है उनका अंदाज़-ए-बयां
वो एहसास छोड़ते हैं पन्नों पर
चंदना सोमाणी ©®

खयालों की मलिका... ❤️ माशाअल्लाह हर बार तारिफो के फूल कहासे लाये हम...हर एक शेर एक नयी कहानी लेकर आता है जिसे पढते ही दिल को सुकून मिलता है. हिंदी, मराठी दोनोपर आपकी हुकूमत है... ❤️❤️
ReplyDeleteEditing नेहमीप्रमाणे हटके 👌👌 👌👌👌
खयालों की मलिका... ❤️ माशाअल्लाह हर बार तारिफो के फूल कहासे लाये हम...हर एक शेर एक नयी कहानी लेकर आता है जिसे पढते ही दिल को सुकून मिलता है. हिंदी, मराठी दोनोपर आपकी हुकूमत है... ❤️❤️
ReplyDeleteEditing हमेशा की तरहा हटके 👌👌 👌👌👌